Saying No: Har Baat Par “Haan” Kehna Aapko Kaise Nuksan Pahunchata Hai?
Saying “No”: हर बात पर “हाँ” कहना आपको कैसे धीरे-धीरे तोड़ देता है? “अच्छा इंसान बनते-बनते आप कब खुद के दुश्मन बन गए — पता भी नहीं चला।” अगर आप भी उन लोगों में से हैं जो किसी को मना नहीं कर पाते हर किसी की उम्मीदें पूरी करने की कोशिश करते हैं और रात को थकान के साथ ये सोचते हैं, “आज फिर मैंने खुद को पीछे रख दिया” तो ये article आपके लिए है। 👉 अगले 10–12 मिनट में आप जानेंगे: हर बात पर “हाँ” कहना क्यों नुकसानदेह है ये आदत कहाँ से पैदा होती है और सबसे ज़रूरी — आज से इसे बदलने के practical तरीके कोई भारी ज्ञान नहीं। कोई lecture नहीं। बस वो सच, जो शायद आप जानते थे… लेकिन कभी सामने से किसी ने कहा नहीं। “ये तो मेरी ही कहानी है…” — Relatable शुरुआत सोचिए… बॉस ने extra काम दिया — आपने “हाँ” कह दिया दोस्त ने उधार माँगा — दिल से नहीं चाहते थे, फिर भी “हाँ” रिश्तेदार ने आपकी time limit ignore की — फिर भी “ठीक है” ऊपर से आप helpful लगते हैं। लेकिन अंदर? थकान, irritation, guilt और खुद से नाराज़गी। और सबसे खतरनाक बात? आपको लगता है कि अगर आपने...